अगर आप सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं, तो आपने ध्यान दिया होगा कि पिछले कुछ समय से इंस्टाग्राम पर अजीब और परेशान करने वाले विज्ञापन (Paid Ads) दिखाई दे रहे हैं। इसी मामले पर अब भारत सरकार ने एक बहुत ही सख्त कदम उठाया है।
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने शनिवार देर शाम Meta (Instagram की पैरेंट कंपनी) को एक कड़ा कानूनी नोटिस जारी किया है। सरकार का यह एक्शन सोशल मीडिया सेफ्टी को लेकर अब तक के सबसे बड़े फैसलों में से एक माना जा रहा है।
क्या है पूरा मामला? (आखिर क्यों मिला नोटिस?)
हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट (BBC इन्वेस्टिगेशन) में यह खुलासा हुआ था कि इंस्टाग्राम पर पैसों के बदले ऐसे विज्ञापन (Paid Ads) चलाए जा रहे थे, जो बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक और शोषणकारी कंटेंट (CSEAM - Child Sexual Exploitative and Abuse Material) को बढ़ावा दे रहे थे।
हैरानी की बात यह है कि ये विज्ञापन इंस्टाग्राम के खुद के ऑटोमेटेड सिस्टम से पास होकर यूजर्स की फीड पर दिख रहे थे। जैसे ही यह बात सरकार के सामने आई, केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए और शनिवार शाम को मेटा को समन भेज दिया गया।
सरकार ने नोटिस में क्या आदेश दिए हैं?
भारत सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और नोटिस में साफ शब्दों में दो बातें कही हैं:
- विज्ञापनों पर तुरंत रोक: इंस्टाग्राम पर ऐसे जितने भी विज्ञापन या कंटेंट हैं जो इस तरह के आपत्तिजनक मटेरियल को प्रमोट करते हैं, उन्हें तुरंत ब्लॉक (Disable) किया जाए।
- 7 दिनों का अल्टीमेटम: सरकार ने मेटा से 7 दिनों के भीतर एक डिटेल्ड रिपोर्ट (विस्तृत जवाब) मांगी है। उनसे पूछा गया है कि आखिर उनके सेफ्टी फिल्टर्स इस तरह के विज्ञापनों को रोकने में कैसे नाकाम रहे?
मेटा को साफ चेतावनी दी गई है कि अगर वे तय समय में सही कदम नहीं उठाते हैं, तो उन पर IT Act और POCSO Act के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पर Meta का क्या कहना है?
इस पूरे विवाद पर मेटा के प्रवक्ता ने सफाई देते हुए कहा है कि, "चाइल्ड एक्सप्लॉइटेशन एक भयानक अपराध है और हमारी पॉलिसी इसके खिलाफ बहुत सख्त है। हम अपराधियों को पकड़ने के लिए एडवांस AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन 3.5 बिलियन यूजर्स के बीच कुछ अपराधी हमारे सिस्टम को धोखा देने की कोशिश करते हैं।" मेटा ने कहा है कि उन्होंने रिपोर्ट किए गए कंटेंट को हटा दिया है और वे अपनी सुरक्षा को और मजबूत कर रहे हैं।
हमारे और आपके लिए यह खबर क्यों जरूरी है?
एक आम इंटरनेट यूजर और माता-पिता के तौर पर यह खबर हम सभी के लिए एक वेक-अप कॉल है।
- प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी: कंपनियां विज्ञापनों से करोड़ों की कमाई करती हैं, इसलिए केवल 'AI की चूक' कहकर वे अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकतीं।
- बच्चों की सुरक्षा: अगर आपको भी कभी इंस्टाग्राम या किसी अन्य ऐप पर ऐसा कोई संदिग्ध विज्ञापन दिखे, तो उसे तुरंत रिपोर्ट करें।
सरकार का यह कड़ा रुख साफ करता है कि भारत में डिजिटल सुरक्षा और बच्चों के अधिकारों से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी भी बड़ी टेक कंपनी को नहीं दी जाएगी।




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